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मानव एक सामजिक प्राणी है. समाज से इतर रहने वाला या तो देवता है या पशु. यही वजह है कि वो हर वक्त कुछ नया करने को लगा रहता है. पाठकनामा इसी अवधारणा को लेकर शुरु किया है. जिसमे आप सभी का स्वागत है. तकरीबन 22 साल के हिन्दी पत्रकारिता में जीवन में जो कुछ देखा, सुना और देख रहा हूँ वो पाठकनामा में आपके सामने है. साथ ही, रोजाना की देश-दुनिया की ताजा-तरीन ख़बर से अपने पाठकों को रु-व-रु करना भी अपन का ...आगे पढ़ें... 

नए राज्य मै घोटाले
font style=font-size:16px... sanjay pathak द्वारा 20 फ़रवरी, 2011 4:45:00 PM IST पर पोस्टेड
अब हरामी आ गए हैं पत्रकारिता में
कभी मिशन बतौर शरु हुई पत्रकारिता अब पुरी तरह हरामि लोगो का धंधा हो गई है.. इसके उदाहरण एक दो नहीं, ... sanjay pathak द्वारा 11 अक्टूबर, 2010 3:54:00 PM IST पर पोस्टेड
अब हरामी आ गए है पत्रकारिता में
sanjay pathak द्वारा 11 अक्टूबर, 2010 3:50:00 PM IST पर पोस्टेड
अब हरामी आ गए हैं पत्रकारिता में
कभी मिशन बतौर शरु हुई पत्रकारिता अब पुरी तरह हरामि लोगो का धंधा हो गई है.. इसके उदाहरण एक दो नहीं, ... sanjay pathak द्वारा 11 अक्टूबर, 2010 3:54:00 PM IST पर पोस्टेड
अब हरामी आ गए है पत्रकारिता में
sanjay pathak द्वारा 11 अक्टूबर, 2010 3:50:00 PM IST पर पोस्टेड
जर नैल सिंह तुम ठीक हो
bhadaas4 मीडिया.कॉम पर पत्रकार भाई जरनैल सिंह की बात पढ़ी. में सिंह के साथ हूँ. हर किसी को अपनी ... sanjay pathak द्वारा 11 जुलाई, 2009 10:08:00 PM IST पर पोस्टेड