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मानव एक सामजिक प्राणी है. समाज से इतर रहने वाला या तो देवता है या पशु. यही वजह है कि वो हर वक्त कुछ नया करने को लगा रहता है. पाठकनामा इसी अवधारणा को लेकर शुरु किया है. जिसमे आप सभी का स्वागत है. तकरीबन 22 साल के हिन्दी पत्रकारिता में जीवन में जो कुछ देखा, सुना और देख रहा हूँ वो पाठकनामा में आपके सामने है. साथ ही, रोजाना की देश-दुनिया की ताजा-तरीन ख़बर से अपने पाठकों को रु-व-रु करना भी अपन का ...आगे पढ़ें... 

जर नैल सिंह तुम ठीक हो
bhadaas4 मीडिया.कॉम पर पत्रकार भाई जरनैल सिंह की बात पढ़ी. में सिंह के साथ हूँ. हर किसी को अपनी ... sanjay pathak द्वारा 11 जुलाई, 2009 10:08:00 PM IST पर पोस्टेड
पत्र्कारिता की हालत
अब अगर सिर्फ़ muzzafarnagar के अख्वार मालिक की बात कही जाये तो यह उचित नही होगा. ऐसे मालिकों की ... sanjay pathak द्वारा 13 जून, 2009 8:18:00 PM IST पर पोस्टेड
पत्रकारिता की हालत
लोक् तंत्र के चार स्तंभ बताये जाते है. व्यव्स्थपिका, न्याय पालिका, कार्य पालिका और पत्रकारिता. ... sanjay pathak द्वारा 12 जून, 2009 9:51:00 PM IST पर पोस्टेड
जर नैल सिंह तुम ठीक हो
bhadaas4 मीडिया.कॉम पर पत्रकार भाई जरनैल सिंह की बात पढ़ी. में सिंह के साथ हूँ. हर किसी को अपनी ... sanjay pathak द्वारा 11 जुलाई, 2009 10:08:00 PM IST पर पोस्टेड
पत्र्कारिता की हालत
अब अगर सिर्फ़ muzzafarnagar के अख्वार मालिक की बात कही जाये तो यह उचित नही होगा. ऐसे मालिकों की ... sanjay pathak द्वारा 13 जून, 2009 8:18:00 PM IST पर पोस्टेड
पत्रकारिता की हालत
लोक् तंत्र के चार स्तंभ बताये जाते है. व्यव्स्थपिका, न्याय पालिका, कार्य पालिका और पत्रकारिता. ... sanjay pathak द्वारा 12 जून, 2009 9:51:00 PM IST पर पोस्टेड